इस जीव के बंधन और मोक्ष का कारण मन ही माना गया है।विषयों में आसक्त होने पर वह बंधन का हेतु होता है और परमात्मा में अनुरक्त होने पर वही मोक्ष का कारण बन जाता है।

@narayanabank

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